
ठाकुर कुछ देर हांफते हुए लेटे रहे। उनकी छाती ऊपर-नीचे हो रही थी। मधु उनके बगल में लेटी हुई थी, अपनी चूत से बहते रस को उंगली से खेल रही थी और मुस्कुरा रही थी।
ठाकुर ने अचानक मधु के बाल पकड़े और उसे जोर से खींचकर अपनी तरफ किया। उनकी आंखों में अब और तेज भूख और गुस्सा था।






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