
ठाकुर ने मधु की पैंटी को पूरी तरह उतारकर फर्श पर फेंक दिया। अब वो पूरी तरह नंगी थी — सिर्फ लाल साड़ी कमर पर लिपटी हुई। उनकी आँखें मधु की चिकनी, गुलाबी चूत पर टिकी हुई थीं।
“फैल ले अपनी टांगें रानी... जितना फैला सकती है,” ठाकुर की भारी आवाज में हुक्म था।






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